Thursday, September 12, 2024

 

तुझसे मिलने की अब कोई उम्मीद नजर नहीं आती
 

खुद को बचा के रखने की कोई उम्मीद नजर नहीं आती
 

कुछ सांसे हैं जो बाक़ी हैं, चलती हैं, चलने दे,
 

के इन्हें बंद करने की तरकीब नजर नहीं आती

No comments:

Post a Comment