Thursday, September 12, 2024

 

 जिंदा हूँ मैं????????

 ऊब गया हूं इस मौत से
सांस चल रही है मर चुका हूं मैं
दिखाई नहीं देता इन पथराई आंखों से अब
जितना देखना था सब देख चुका हूं मैं
लबों से लफ़्ज़ बाहर आते नहीं
कहने को कुछ अब बाकी नहीं
जो कहना था सब कह चुका हूं मैं
थोड़ा तो चैन मिले कुछ तो करार आए
जितना सहना था सब सह चुका हूं मैं

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