Saturday, November 10, 2012

मैं तो उसके साथ चला था
वो समझा परछाई हूँ  ।
मैं तो उसका हमसाया था
वो समझा एक साया हूँ  ।
मैं तो अपना दिल लाया था,
वो समझा एक खिलौना है ।
खेला खूब  वो मन लगा कर मुझसे ,
फिर ....
खिलोने पुराने होने में कहाँ वक़्त लगता है
एक नया खिलौना और,,,,
पुराने खिलोनों के बक्से में बंद ....
मैं बस उसकी यादों में रह गया ।




Monday, May 21, 2012

वो जिनके लिए हम खुद को भुलाये बैठे थे 
मन ही मन जिन्हें हम अपना बनाये बैठे थे ।
वो सागर था गहरा गहरा, दूर तलक फैला फैला  
वो छू कर हमको चला गया, करके थोड़ा भीना भीना ।

Thursday, February 2, 2012

कब तक मेरे संग चलोगे तुम को ही तय करना है 
मेरे ग़मो के समंदर में डूबना है या तरना है ।।

मेरी मंजिल पास नहीं है दूर बहुत ही जाना है 
संग चलने का फल मीठा है ये तो सबने जाना है ।।

पहुँच मंजिल पर देखूंगा क्या खोया क्या पाया है 
 संग हुए तो, गीत मधुर है वर्ना ग़म का तराना है ।।