Thursday, September 12, 2024

निगेहबां

शुक्रगुजार हूं मैं , इनायत है तू

साँसें हैं तू, ज़िंदगी है तू

भरी बरसात में जो दिखाई दे

वो रोशनी की किरण है तू 

तेरे होने से मैं हूं मेरे होने की वजह है तू

रख दे सर पे हाथ मेरे  एक बार

हो मुझे यकीं के निगेहबां है तू


तेरे मेरे इश्क का अब ये आलम है
दुश्वार है
अब एक भी दिन तेरे बिन


ना दिन का पता है ना रात की खबर है
देख तेरे इश्क का हुआ क्या असर है


एक जान है मेरी और तू मेरी जान है
तू ही मेरी जमीं तू ही आसमान है

दिल, दिमाग, तन, मन, सब तेरा हो गया है
मेरा ना कुछ मुझ में रहा


हर सू बस तू ही तू है
इस दुनिया में
कोई अब ना रहा


मेरी आंखो में, मेरी आंखो से अब तू ही देखता है
क्या कहूं, मैं भी अब मेरा ना रहा

 

किसी ने कहा दूर हो जा मुझसे
और ख़ुद पास आते रहे


कोशिश तो बहुत की उसने हमें भूल जाने की
पर हम कमबख्त उसे बेपनाह याद आते रहे

मजबूर

 

जानता हूं तेरी मजबूरी ऐ मेरे दोस्त
तू चाहकर भी मुझे चाह नहीं सकता
 

पर मैं भी मजबूर हूं इस दिल से मेरे दोस्त
तेरे सिवा कोई और मुझे पा नहीं सकता

दिल लगाना इतना आसान भी तो नहीं
हर किसी को ये फन आ नहीं सकता

था गुमान संग तेरे मंजिल पा ही जाऊंगा
हूं अब लापता कहीं भी जा नहीं सकता

 

कुछ यूं जकड़ा हुआ हूं परेशानियों में
कि उसके रुख पे मुस्कान भी दिखाई नहीं देती
कुछ यूं घिरा है दिल मेरा ग़म के बादलों से
दूर वो रोशनी की किरण भी दिखाई नहीं देती

मिलते नहीं जब दिल से दिल 

तो बात बढ़ाने की ज़रूरत क्या है
यूं बेसबब हाथ मिलाने की ज़रूरत क्या है
दूर रह के  मिला करो इस ज़माने से
के हर शख़्स को गले से लगाने की ज़रूरत क्या है

 

दूर हूं तुमसे पर दिल से दूर नहीं

बोलता हूं कम पर मगरूर नहीं
बेवजह मुझे बेवफ़ा ना ठहरा
यूं मुझ पर बेवफाई का इल्ज़ाम ना लगा
के हर वक़्त आलमे तसव्वुर हूं मैं
मिलता जुलता नहीं मैं आजकल ख़ुद से भी
इस हद तक बेकस और बेखबर हूं मैं

 

 जा छोड़ दे

 

जा छोड़ दे के अब जीने दे मुझे
ग़म हो तो हो के अब पीने दे मुझे
होगी प्यास दर्द की मुझे जो अब कभी
समंदर है ना आँसू का के पीने दे अब मुझे
तन्हाई की मुझे अब कोई फ़िक़्र नहीं होती
के मेहफ़िलें तेरी यादों की सजती रोज़ हैं होती
डरता हूं मेरे बिन क्या तू अब चैन पाएगा
ज़माना था के मेरे बिन सुबहें तेरी नहीं होती
चलेगी साँसे तो मेरी धड़कने दिल में होंगी
के चलना भर ही साँसों का  कोई ज़िंदगी नहीं होती

सपनों की दुनिया से बाहर भी होते हैं फ़रिश्ते

 

तू जो मिला तो ज़िंदगी में सुकून सा आ गया
 

होते हैं जादू और जादूगर ये यकीन सा आ गया
 

तुझे देख कर दिल ओ दिमाग़ ने कहा
 

ये कौन फ़रिश्ता है जो आसमां से ज़मीन पे आ गया



 

तुझसे मिलने की अब कोई उम्मीद नजर नहीं आती
 

खुद को बचा के रखने की कोई उम्मीद नजर नहीं आती
 

कुछ सांसे हैं जो बाक़ी हैं, चलती हैं, चलने दे,
 

के इन्हें बंद करने की तरकीब नजर नहीं आती

 

उनको मेरे होने ना होने से अब निस्बत नहीं
के अब ना पत्ते रहे ना फूल बचे हैं मेरी शाखों पर
यूं तो नहीं के अब मेरा कोई वजूद ही नहीं
के जल कर भी तेरी जिंदगी रौशन कर जाऊंगा मैं

 

 जिंदा हूँ मैं????????

 ऊब गया हूं इस मौत से
सांस चल रही है मर चुका हूं मैं
दिखाई नहीं देता इन पथराई आंखों से अब
जितना देखना था सब देख चुका हूं मैं
लबों से लफ़्ज़ बाहर आते नहीं
कहने को कुछ अब बाकी नहीं
जो कहना था सब कह चुका हूं मैं
थोड़ा तो चैन मिले कुछ तो करार आए
जितना सहना था सब सह चुका हूं मैं

 सपने तेरे मेरे

मेंरे सपनों के जहां में 
तेरा सपनों का जहां है  

और तेरे सपनों के जहां में
मेरा सपनों का जहां है
वहीं पे हमारा सपनों का जहां है
जहां तेरे सपनों को में देखता हूं
और मेरे सपनों को तू
और इन सपनों के जहां की खिड़की से
झांक कर देखने पर दिखाई देता है
दूर वो हकीकत का जहां
जहां हम
दूर होकर भी बहुत क़रीब हैं
और 
क़रीब होकर भी बहुत दूर