सपनों की दुनिया से बाहर भी होते हैं फ़रिश्ते
तू जो मिला तो ज़िंदगी में सुकून सा आ गया
होते हैं जादू और जादूगर ये यकीन सा आ गया
तुझे देख कर दिल ओ दिमाग़ ने कहा
ये कौन फ़रिश्ता है जो आसमां से ज़मीन पे आ गया
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