Tuesday, April 9, 2024

मुझे जाना है

 
मुझे जाना है
दूर उस क्षितिज के पार
जहाँ शून्य हो
जहाँ अनंत हो
अपनी परछाई को छोड़ कर
उस लंबे एकल सफर पर
एक अनंत इंतज़ार के लिए
तुम आ सको तो आना
सब कुछ पीछे छोड़ कर
सिर्फ और सिर्फ मेरे लिए
निभाना अपना वादा
जो किया था तुमने
अपनी आँखों से मेरी आँखों को
मेरे हाथों को अपने हाथों में लिए
तुम गर आ सको तो आना
मैं इंतज़ार करूँगा
दूर उस क्षितिज के पार......

 


 

Thursday, April 4, 2024

 

क्यूँ ये दिल की धड़कन रुकी है

शायद तू मुझसे दूर जा चुकी है

नज़रें तलाश रही हर सू तुझे

जबकि खबर है ये मुझे

ना तू है ना तेरी परछाई है

अब ये खला, अकेलापन तेरी जुदाई है

कैसे कटेंगे तेरे बिन ये दिन रैन

आह.... भरेंगे रहेंगे बेचैन

ऐ खुदा मिला मुझे मेरे यार से

देखूं सूरत, करा रूबरू मेरे प्यार से

देखकर उसे अब ये बेचैनी जाएगी

इस दिल की थमी धड़कन भी लौट आयेगी