मजबूर
जानता हूं तेरी मजबूरी ऐ मेरे दोस्त
तू चाहकर भी मुझे चाह नहीं सकता
पर मैं भी मजबूर हूं इस दिल से मेरे दोस्त
तेरे सिवा कोई और मुझे पा नहीं सकता
दिल लगाना इतना आसान भी तो नहीं
हर किसी को ये फन आ नहीं सकता
था गुमान संग तेरे मंजिल पा ही जाऊंगा
हूं अब लापता कहीं भी जा नहीं सकता
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