Thoughts
Friday, September 13, 2024
Thursday, September 12, 2024
निगेहबां
शुक्रगुजार हूं मैं , इनायत है तू
साँसें हैं तू, ज़िंदगी है तू
भरी बरसात में जो दिखाई दे
वो रोशनी की किरण है तू
तेरे होने से मैं हूं मेरे होने की वजह है तू
रख दे सर पे हाथ मेरे एक बार
हो मुझे यकीं के निगेहबां है तू
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