तुझे देखने की हसरत लिए बैठा हूं मैं
दुआ में हाथ उठाए बैठा हूं मैं
कुबूल कर दुआ मेरी या रब
उसे देखने की चाह में
दिलो जान से तैयार बैठा हूं मैं
No comments:
Post a Comment